कुर्सी और गद्दी पर बैठने के बाद आम लोगों की समस्याएं नेताओं को दिखाई नहीं देती...कुर्सी के लिए कुछ भी करेगा..जो कुर्सी के लिए गंदी राजनीति और कहें तो साजिश करने से भी गुरेज नहीं...मोदी सरकार बनाने के पहले आम लोगों को बहुत सपने दिखाए अच्छे दिनों के...लेकिन अब कुर्सी मिलने के बाद अपनी सरकार चलाने...आगे और 10 सालों तक कुर्सी पर बने रहने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं...तो वहीं चुनावी खर्चे को जल्द बटोरने का भी काम चल रहा है...यानी अगर अभी मंहगाई लाद दी जाए और आगे 4 साल बाद सब शांत लोग भूल जाएंगे और नार्मल हो जाएंगे...अच्छी राजनीति है लेकिन ऐसी गंदी राजनीति से आम जनता को भरोसा उठ जाएगा...बहुत मुश्किल से भरोसा बना था ऐसा न हो कि विश्वास ही उठा जाए...अब सुधरे नहीं अबकी बार किसकी सरकार....?